विस्तृत उत्तर
प्रेत बाधा (ऊपरी बाधा) से मुक्ति के उपाय गरुड़ पुराण, अथर्ववेद और चरक संहिता (भूत विद्या — आयुर्वेद की एक शाखा) में वर्णित हैं।
शास्त्रीय उपाय
- 1हनुमान चालीसा/बजरंग बाण:
- ▸हनुमान चालीसा: *'भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै।'*
- ▸बजरंग बाण — प्रेत बाधा में अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
- ▸मंगलवार/शनिवार को 7 या 11 बार पाठ।
- 1महामृत्युंजय मंत्र:
- ▸108 बार जप, रुद्राक्ष माला पर।
- 1गीता पाठ:
- ▸गीता महात्म्य (पद्म पुराण) के अनुसार गीता के 3रे, 7वें और 9वें अध्याय का पाठ प्रेत बाधा निवारण में सहायक।
- 1गरुड़ पुराण उपाय:
- ▸प्रेत आत्मा के लिए तिल-जल तर्पण (अमावस्या को)।
- ▸पिंडदान — गया या प्रयागराज में।
- ▸नारायण बलि/नागबलि विधि (विशेष अनुष्ठान)।
- 1घरेलू उपाय:
- ▸शाम को गुग्गुल/लोबान धूप जलाएँ।
- ▸गंगाजल का नियमित छिड़काव।
- ▸कपूर और लौंग जलाएँ (चरक संहिता)।
- ▸घर में तुलसी का पौधा लगाएँ।
- ▸रात को शयन से पहले 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ हं हनुमते नमः' जप।
- 1अथर्ववेद में उल्लेख:
- ▸अथर्ववेद में भूत-प्रेत और दुष्ट आत्माओं से रक्षा के अनेक मंत्रों और अनुष्ठानों का वर्णन है।
महत्वपूर्ण सावधानी
- ▸यदि कोई व्यक्ति अकारण भय, अवसाद, व्यवहार परिवर्तन या मानसिक अस्थिरता अनुभव कर रहा है तो पहले योग्य मनोचिकित्सक/डॉक्टर से परामर्श लें।
- ▸'ऊपरी बाधा' के नाम पर किसी को शारीरिक या मानसिक कष्ट देना अपराध है।
- ▸किसी भी तथाकथित 'बाबा' या 'तांत्रिक' के चक्कर में न पड़ें — धोखाधड़ी से सावधान रहें।





