ॐ धूं धूं धूमावत्यै फट्।।
- धूमावती जयंती या किसी कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रुद्राक्ष माला से 21, 51 या 108 बार जाप करें।
- ऋण मुक्ति के लिए नीम की पत्तियों सहित घी का होम करें।
- शत्रु नाश के लिए राई में सेंधा नमक मिलाकर होम करें।
- इनकी साधना एकांत में, विशेषकर रात्रि में करें।



