📖
विस्तृत उत्तर
धूमावती साधना में न्यास की विधि:
संकल्प और विनियोग के बाद न्यास किया जाता है, जिसमें:
— पिप्पलाद ऋषि को शिर में।
— त्रिव्रत् छंद को मुख में।
— श्री ज्येष्ठा धूमावती देवता को हृदय में।
इस प्रकार न्यास संपन्न किया जाता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





