विस्तृत उत्तर
मातंगी साधना की सामान्य विधि के अनुसार, साधना से पूर्व निम्नलिखित क्रम में न्यास किया जाता है:
— विनियोग: मंत्र का ऋषि, छंद, देवता, बीज, शक्ति और विनियोग का उच्चारण।
— न्यास (ऋष्यादिन्यास, करन्यास, अंगन्यास) करें।
— तदनंतर देवी की पंचोपचार या षोडशोपचार पूजा करें।
— निर्दिष्ट मंत्र का जाप करें।
— मातंगी कवच का पाठ भी फलदायी होता है।





