विस्तृत उत्तर
बजरंग बाण हनुमान जी की एक अत्यंत उग्र और अचूक स्तुति है। इसके पाठ को लेकर परंपराओं में कुछ कड़े नियम और निषेध बताए गए हैं।
नित्य पूजा में निषेध — बजरंग बाण का पाठ दैनिक या नियमित पूजा (Daily Routine) में नहीं करना चाहिए। इस पाठ में भगवान राम की सौगंध (शपथ) दिलाई गई है—'इन्हें मारु तोहि सपथ राम की'। देवताओं को उनके आराध्य की शपथ दिलाकर कार्य करवाना हठ माना जाता है।
सामान्य इच्छाओं के लिए वर्जित — छोटी-मोटी समस्याओं, धन लाभ या सामान्य भौतिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए इसका पाठ करना अनुचित है। ऐसा करने से इष्ट देव रुष्ट हो सकते हैं।
सही समय — इसका प्रयोग केवल जीवन-मृत्यु के संकट, भयंकर तांत्रिक प्रयोग, असाध्य रोग या किसी घोर शत्रु के द्वारा प्राणों का भय होने पर ही एक अस्त्र के रूप में करना चाहिए।





