विस्तृत उत्तर
माँ छिन्नमस्ता की साधना की पूर्ण विधि:
— साधक में दृढ़ संकल्प होना अत्यंत आवश्यक है।
— ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
— देवी का आवाहन, संकल्प, विनियोग और विभिन्न न्यास (अंगन्यास, करन्यास) करें।
— शंख में जल, अक्षत और पुष्प डालकर देवी का आवाहन करें।
— निर्दिष्ट मंत्र का (उदाहरण के लिए 11 माला) नित्य 11 दिनों तक जाप करें।
— प्रत्येक दिन जाप के उपरांत आरती और क्षमा प्रार्थना करें।
— कुछ परंपराओं में प्रदोषकाल में भी पूजा का विधान है।
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