पूजा विधानधूमावती साधना में न्यास कैसे करते हैं?धूमावती न्यास: पिप्पलाद ऋषि = शिर में। त्रिव्रत् छंद = मुख में। श्री ज्येष्ठा धूमावती देवता = हृदय में।#धूमावती न्यास#पिप्पलाद ऋषि#त्रिव्रत छंद