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विस्तृत उत्तर
आत्महत्या से हुई मृत्यु को अकाल मृत्यु के कारणों में गिना गया है। गरुड़ पुराण में जिन मृत्युओं को अकाल मृत्यु बताया गया है, उनमें आत्महत्या भी शामिल है। ऐसी मृत्यु प्राप्त करने वाली आत्मा को प्रेत योनि के भयंकर कष्टों से मुक्त करने के लिए नारायण बलि अनुष्ठान आवश्यक बताया गया है। यह अनुष्ठान आत्मा को मृत्यु-बाधाओं से मुक्त कर सद्गति प्रदान करने वाला माना गया है।
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