आत्मा सिद्धांतआत्महत्या करने वाले की आत्मा को क्या होता है?शास्त्रों में आत्महत्या महापाप है। ईशोपनिषद (3): आत्महन् अंधकारमय लोक प्राप्त करते हैं। गरुड़ पुराण: प्रेत योनि में भटकना। प्रारब्ध भोगने शेष रहता है। परिवार श्राद्ध-तर्पण कराए। मानसिक कष्ट में विशेषज्ञ से सहायता लें।#आत्महत्या#आत्मा#गरुड़ पुराण
लोकअकाल मृत्यु के बाद आत्मा कहाँ जाती है?अकाल मृत्यु (आत्महत्या, दुर्घटना) के बाद आत्मा प्रेत योनि को प्राप्त होकर भुवर्लोक के निचले वायुमंडल में फंस जाती है और तीव्र वायु के बीच बिना आश्रय के भटकती है।#अकाल मृत्यु
लोकआत्महत्या का श्राद्ध कब करें?आत्महत्या से मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को करें।#आत्महत्या#चतुर्दशी श्राद्ध#अकाल मृत्यु
लोकआत्महत्या के बाद प्रेत योनि क्यों मिलती है?आत्महत्या अकाल मृत्यु है; आयु और आसक्ति शेष रहने से आत्मा प्रेत रूप में भटक सकती है।#आत्महत्या#प्रेत योनि#अकाल मृत्यु
लोककौन-कौन सी मृत्यु अकाल मृत्यु मानी गई है?जल में डूबना, अग्नि में जलना, गिरकर मरना, सर्पदंश, विषपान, आत्महत्या और हत्या अकाल मृत्यु मानी गई हैं।#अकाल मृत्यु#गरुड़ पुराण#प्रेत योनि
मरणोपरांत आत्मा यात्राआत्महत्या से मृत्यु को अकाल मृत्यु क्यों माना गया है?आत्महत्या गरुड़ पुराण में अकाल मृत्यु के कारणों में शामिल है।#आत्महत्या#अकाल मृत्यु#नारायण बलि
मरणोपरांत आत्मा यात्राकिन कारणों से मृत्यु अकाल मृत्यु मानी जाती है?उपवास, पशु आक्रमण, अग्नि, श्राप, महामारी, आत्महत्या, गिरना, डूबना, सर्पदंश, बिजली और हत्या अकाल मृत्यु के कारण हैं।#अकाल मृत्यु#कारण#सर्पदंश
धार्मिक उपायआत्महत्या करने वाले की आत्मा को शांति कैसे मिलती है?नारायण बलि (सबसे प्रभावी), चतुर्दशी श्राद्ध, गया पिंडदान, गरुड़ पुराण+विष्णु सहस्रनाम पाठ, महामृत्युंजय 1,25,000 जप, गो-दान। आत्महत्या विचार = तुरंत मदद: AASRA 9820466726।#आत्महत्या#प्रेत शांति#उपाय