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विस्तृत उत्तर
यदि आत्मा प्रेत योनि में है, तो श्राद्ध अन्न रक्त बन जाता है। भगवान विष्णु ने बताया कि जीव अपनी नई योनि के अनुसार श्राद्ध अन्न प्राप्त करता है। देव योनि में वह अमृत, गंधर्व में भोग-विलास की वस्तु, पशु में घास, नाग में वायु, पक्षी में फल, दानव में मांस, प्रेत में रक्त और मनुष्य योनि में अन्न बन जाता है।
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