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विस्तृत उत्तर
यदि आत्मा मनुष्य योनि में पुनः जन्म ले चुकी है, तो श्राद्ध अन्न अन्न या grain के रूप में प्राप्त होता है। श्राद्ध का अन्न आत्मा को उसकी नई योनि के अनुसार बदलकर मिलता है। नाम, गोत्र और मंत्र इस अन्न को संबंधित आत्मा तक पहुँचाने का माध्यम हैं।
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