देवी पूजाशाकम्भरी देवी की पूजा का क्या विशेष विधान है?शाकम्भरी = शाक (सब्जी) से पोषण करने वाली। दुर्गा सप्तशती (11): 'शरीर से उत्पन्न शाक से लोक पोषण करूंगी।' विधान: हरी सब्जियां/फल अर्पित, हरे वस्त्र, 'ॐ शाकम्भर्यै नमः'। नवरात्रि अष्टमी + पौष शाकम्भरी नवरात्रि। प्रमुख: सहारनपुर, सांभर मंदिर।#शाकम्भरी#शाक#अन्न
लोकश्राद्ध में पिण्ड किससे बनाया जाता है?पिण्ड चावल, जौ, दूध, घी, शक्कर, शहद और तिल से बनाया जाता है।#पिण्ड#श्राद्ध#पिण्डदान
मरणोपरांत आत्मा यात्राश्राद्ध अन्न मनुष्य योनि में क्या बनता है?मनुष्य योनि में श्राद्ध अन्न अन्न के रूप में प्राप्त होता है।#श्राद्ध अन्न#मनुष्य योनि#अन्न
मरणोपरांत आत्मा यात्राश्राद्ध मंत्र आत्मा तक अन्न कैसे पहुँचाते हैं?श्राद्ध मंत्र नाम और गोत्र के साथ अन्न को आत्मा तक पहुँचाने का पारलौकिक माध्यम हैं।#श्राद्ध मंत्र#अन्न#आत्मा
मरणोपरांत आत्मा यात्रादसवें दिन के बाद आत्मा को अन्न और जल क्यों दिया जाता है?दसवें दिन शरीर पूर्ण होने पर प्रेत में भूख-प्यास जागती है, इसलिए उसे अन्न और जल दिया जाता है।#दसवें दिन के बाद#अन्न#जल
लोकसत्यलोक के निवासी भोजन क्यों नहीं करते?सत्यलोक के निवासी विशुद्ध सत्वगुणी और चिन्मय शरीर के कारण भौतिक अन्न से नहीं बल्कि ध्यान, ज्ञान और ब्रह्मांडीय ऊर्जा से पोषण पाते हैं।#सत्यलोक#भोजन#ध्यान
हवनहवन में सप्तधान्य की आहुति का क्या महत्व हैसप्तधान्य: गेहूँ/चावल/जौ/तिल/मूँग/चना/उड़द। सप्तग्रह शान्ति, अन्नपूर्णा, वास्तु शुद्धि, सर्वदेवता। समभाग+घी।#सप्तधान्य#हवन#नवग्रह
देवी पूजाअन्नपूर्णा देवी की पूजा से अन्न की कमी कैसे दूर होती है?अन्नपूर्णा = पार्वती रूप, सृष्टि को अन्न देने वाली। शिव पुराण: शिव को भी भिक्षा मांगनी पड़ी। तैत्तिरीय उपनिषद: 'अन्नं ब्रह्म'। मंत्र: 'अन्नपूर्णे सदापूर्णे...' (शंकराचार्य)। अन्न भोग, अन्न दान सर्वश्रेष्ठ पूजा। शुक्रवार/पूर्णिमा विशेष। काशी अन्नपूर्णा मंदिर प्रसिद्ध।#अन्नपूर्णा#अन्न#काशी