विस्तृत उत्तर
सप्तधान्य = गेहूँ, चावल, जौ, तिल, मूँग, चना, उड़द (कुछ में ज्वार/बाजरा भी)।
महत्व: (1) सप्त ग्रह शान्ति — प्रत्येक धान्य एक ग्रह से सम्बन्धित। (2) अन्नपूर्णा प्रसन्नता — अन्न-धन कमी न हो। (3) कृषि प्रथम फल अर्पण। (4) वास्तु शुद्धि — गृहप्रवेश हवन। (5) सर्वदेवता प्रसन्नता। समभाग + घी → 'स्वाहा'।



