विस्तृत उत्तर
पलाश (ढाक/टेसू) = वैदिक यज्ञ में अत्यन्त पवित्र।
(1) ब्रह्मवृक्ष — ब्रह्मा का वृक्ष, सृष्टि से सम्बन्ध। (2) सर्वकार्य सिद्धि — चन्द्र ग्रह समिधा, सभी कामना पूर्ति। (3) यज्ञोपवीत — ब्राह्मण उपनयन में पलाश दण्ड = पवित्रता। (4) अग्नि सम्बन्ध — किंशुक (अग्निवर्ण फूल), तीव्र-शुद्ध ज्वाला। (5) आयुर्वेद: कृमिनाशक, रक्तशोधक, वायुशोधक। (6) तीन पत्ते = त्रिदेव। पत्तल (दोना) = प्रसाद भोजन में शुभ।
प्रयोग: चन्द्र शान्ति, सामान्य हवन, यज्ञोपवीत, वर्षा ऋतु विशेष।
