विस्तृत उत्तर
हवन लकड़ी = 'समिधा'। शास्त्रों में विस्तृत विधान।
सर्वमान्य: आम (Mango) = सर्वश्रेष्ठ, सभी हवनों में।
अन्य शुभ: पलाश (सर्वकार्य सिद्धि), पीपल (सन्तान), बिल्व (शिव), शमी (पापनाश), गूलर (स्वर्ग/शुक्र), खैर (मंगल), चन्दन (विशेष)।
नवग्रह समिधा (याज्ञवल्क्य): 'अर्कः पलाशः खदिरस्त्वपामार्गोऽथ पिप्पलः। उदुम्बरः शमी दूर्वाः कुशाश्च समिधः क्रमात्॥' — सूर्य=मदार, चन्द्र=पलाश, मंगल=खैर, बुध=चिड़चिड़ा, गुरु=पीपल, शुक्र=गूलर, शनि=शमी, राहु=दूर्वा, केतु=कुश।
ऋतु अनुसार: वसन्त=शमी, ग्रीष्म=पीपल, वर्षा=पलाश/बिल्व, शरद=आम, हेमन्त=खैर, शिशिर=गूलर।
नियम: 8 अंगुल लम्बी, अंगूठा मोटी, सूखी, छाल सहित, कीड़ा/गीली/सड़ी वर्जित। घी डुबोकर 'स्वाहा' से।
वर्जित: विशीर्ण=आयुक्षय, कृमिदष्ट=रोगकारी (तंत्र)।



