लोकअरुणोदा नदी कैसे बनती है?अरुणोदा नदी मंदराचल पर्वत के देवचूत आम्र वृक्षों से गिरने वाले विशाल आम के फलों के रस से बनती है। यह पृथ्वी की नदियों से सर्वथा अलग है।#अरुणोदा#स्वर्लोक#आम
अंत्येष्टि संस्कारदाह संस्कार में कौन सी लकड़ी प्रयोग करेंचंदन (सर्वश्रेष्ठ — कुछ टुकड़े), आम (सर्वाधिक प्रचलित), पीपल, बरगद, शीशम। वर्जित (कुछ में): नीम, तुलसी। व्यावहारिक: सूखी आम लकड़ी = सर्वमान्य। क्षेत्र/कुल अनुसार भिन्न।#लकड़ी#दाह संस्कार#चंदन
हवनहवन में आम की लकड़ी का विशेष महत्व क्या हैआम: सर्वदेव प्रिय, क्षीर वृक्ष, मीठी सुगन्ध, कम धुआँ, सर्वसुलभ, मांगलिक। विकल्प: पीपल/बरगद/पाकर। सूखी, 8 अंगुल, घी डुबोकर।#आम#समिधा#हवन
हवनहवन में किस प्रकार की लकड़ी प्रयोग करनी चाहिएसमिधा: आम=सर्वमान्य। नवग्रह: सूर्य=मदार, चन्द्र=पलाश, मंगल=खैर, बुध=चिड़चिड़ा, गुरु=पीपल, शुक्र=गूलर, शनि=शमी, राहु=दूर्वा, केतु=कुश। 8 अंगुल, सूखी, घी डुबोकर।#हवन#समिधा#लकड़ी