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शिव उपासना📜 शिव पुराण, श्रौतसूत्र, हवन विधि ग्रंथ2 मिनट पठन

शिव पूजा में हवन करते समय कौन सी लकड़ी प्रयोग करें

संक्षिप्त उत्तर

शिव हवन लकड़ी: बिल्व (सर्वोत्तम — शिव प्रिय), आम, पलाश (ढाक), शमी, पीपल, बरगद। 8 अंगुल लम्बी, सूखी, कीड़ा न लगी। घी में डुबोकर 'ॐ नमः शिवाय स्वाहा' से आहुति। गोबर कण्डे भी शुभ। वर्जित: सड़ी-गली, गीली, कीड़ा लगी।

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विस्तृत उत्तर

शिव पूजा और हवन में विशिष्ट लकड़ियों (समिधाओं) का प्रयोग शास्त्र सम्मत है।

शिव हवन हेतु उत्तम लकड़ियाँ

1बिल्व (बेल) — सर्वोत्तम

बिल्व वृक्ष शिव को अत्यन्त प्रिय है। बिल्व की समिधा शिव हवन में सर्वश्रेष्ठ।

2आम (मैंगो)

आम की लकड़ी सभी हवनों में शुभ मानी जाती है। शिव हवन में भी उत्तम।

3पलाश (ढाक/टेसू)

वैदिक हवन में पलाश की समिधा अत्यन्त पवित्र। ब्रह्मवृक्ष कहलाता है।

4शमी

शमी में अग्नि का वास — शिव (अग्नि स्वरूप) से गहन सम्बन्ध।

5पीपल

पीपल = विष्णु स्वरूप, किन्तु शिव हवन में भी मान्य।

6बरगद (वट)

वट = त्रिमूर्ति वास — शिव हवन में शुभ।

सामान्य नियम

  • समिधा 8-8 अंगुल लम्बी, अंगूठे जितनी मोटी।
  • सूखी, कीड़ा न लगी हो।
  • घी में डुबोकर अग्नि में अर्पित करें।
  • 'ॐ नमः शिवाय स्वाहा' बोलकर आहुति दें।

वर्जित लकड़ियाँ

  • नीम (कड़वी — शिव को अप्रिय, कुछ परम्पराओं में)।
  • बबूल/कीकर (कुछ मतों में)।
  • सड़ी-गली/कीड़ा लगी लकड़ी।
  • बिना छाल वाली या गीली लकड़ी।

ध्यान दें: गोबर के कण्डे (उपले) भी सभी हवनों में शुभ हैं — इन्हें समिधाओं के साथ या अकेले प्रयोग कर सकते हैं।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, श्रौतसूत्र, हवन विधि ग्रंथ
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