नवग्रह आरती: वैदिक परंपरा, साहित्यिक उद्गम और अनुष्ठानिक पद्धति का विस्तृत शोध प्रतिवेदन
1. नवग्रह आरती का मूल पाठ (संपूर्ण)
बीज मंत्र एवं जप विधान
| ग्रह (Planet) | बीज मंत्र (Beej Mantra) | जप संख्या (अनुशंसित) |
|---|---|---|
| सूर्य | ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः | 7000 (40 दिन में) |
| चंद्र | ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः सोमाय नमः | 11,000 |
| मंगल | ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः | 10,000 |
| बुध | ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः | 9,000 |
| गुरु | ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः | 11,000 |
| शुक्र | ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः | 16,000 |
| शनि | ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः | 23,000 |
| राहु | ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः | 18,000 |
| केतु | ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः | 17,000 |






