विस्तृत उत्तर
नवग्रह पूजा में सभी नौ ग्रहों की एक साथ शांति की जाती है ताकि सभी ग्रह दोष दूर हों।
घर पर सरल विधि — स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनें और पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें। नवग्रह यंत्र या नौ सुपारी को नौ ग्रह मानकर रखें। प्रत्येक ग्रह को उनके रंग का फूल और अक्षत अर्पित करें। फिर प्रत्येक ग्रह का बीज मंत्र 11 या 108 बार जपें — सूर्य (ॐ ह्रां), चंद्र (ॐ श्रां), मंगल (ॐ क्रां), बुध (ॐ ब्रां), गुरु (ॐ ग्रां), शुक्र (ॐ द्रां), शनि (ॐ प्रां), राहु (ॐ भ्रां), केतु (ॐ स्रां)।
नवग्रह स्तोत्र का पाठ करें और आरती करें। सबसे सरल तरीका महामृत्युंजय मंत्र या गायत्री मंत्र है जो सभी नौ ग्रहों को एक साथ शांत करता है।
विशेष शांति चाहें तो किसी योग्य पंडित से नवग्रह हवन कराएं।





