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हवन📜 श्रौतसूत्र, गृह्यसूत्र1 मिनट पठन

हवन में जौ और तिल मिलाकर आहुति देने का क्या विधान है

संक्षिप्त उत्तर

जौ+तिल: शान्ति हवन मूल। जौ=गुरु/ज्ञान/धन। तिल=शनि/पापनाश/पितृ। संयुक्त=सम्पूर्ण शान्ति-समृद्धि। नवग्रह/पितृ/वास्तु में। समभाग+घी।

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विस्तृत उत्तर

जौ (यव) + तिल = शान्ति हवन का मूल मिश्रण।

जौ: बृहस्पति (गुरु) ग्रह, ज्ञान-धन-सौभाग्य, दरिद्रता नाश, वैदिक काल का प्रमुख अन्न। तिल: शनि ग्रह, पापनाश, पितृ तृप्ति।

संयुक्त: गुरु (जौ) + शनि (तिल) = ज्ञान + कर्म = सम्पूर्ण जीवन सुधार। शान्ति + समृद्धि + पापनाश + पितृ तृप्ति।

प्रयोग: नवग्रह शान्ति, पितृ/श्राद्ध हवन, वास्तु शान्ति, रोग शान्ति। समभाग + घी → 'स्वाहा'। सप्तधान्य में दोनों सम्मिलित।

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शास्त्रीय स्रोत
श्रौतसूत्र, गृह्यसूत्र
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