ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

तिल प्रश्नोत्तरी — 18 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित तिल विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 18 प्रश्न

हवन विधि

अघोर मंत्र से हवन कैसे करें?

अघोर मंत्र जपकर घी, चरु, समिध, तिल, यव और धान्य से अलग-अलग सात-सात आहुति देने का विधान है।

अघोर मंत्रहवनघी
लोक

दशमी श्राद्ध में कौन से द्रव्य जरूरी हैं?

काले तिल, जौ, कुशा, मधु, घृत और सफेद फूल।

दशमी द्रव्यतिलजौ
लोक

मत्स्य पुराण में श्राद्ध द्रव्य कौन से हैं?

तिल, दूध, कुशा, जौ, घी आदि।

मत्स्य पुराणश्राद्ध द्रव्यतिल
लोक

नवमी श्राद्ध में कौन सी वस्तुएं प्रिय हैं?

तिल, दूध, कुशा, जौ, घी और सफेद फूल।

श्राद्ध द्रव्यतिलमत्स्य पुराण
लोक

अष्टमी श्राद्ध में तिल न हों तो क्या होता है?

तिल के बिना श्राद्ध अपूर्ण माना गया है।

तिलश्राद्ध दोषपितर
लोक

पिण्ड किससे बनता है?

पिण्ड चावल, दूध, घी, शक्कर, शहद और काले तिल से बनता है।

पिण्ड सामग्रीचावलतिल
श्राद्ध विधि

पिण्ड किन चीज़ों से बनाया जाता है?

पिण्ड पके हुए चावल, गाय का दूध, घी, शहद, जौ और काले तिल को मिलाकर बनाया जाता है। ये छह सामग्रियाँ पितरों को अत्यंत प्रिय हैं। इन्हें मिलाकर गोलाकार तीन पिण्ड बनाए जाते हैं, जो पिता, पितामह और प्रपितामह के प्रतीक होते हैं। मसूर, काला चना, धतूरा, कदम और बकरी का दूध वर्जित हैं।

पिण्ड सामग्रीचावलदूध
लोक

श्राद्ध में कुशा, तिल और जल का क्या महत्व है?

कुशा, काला तिल और जल तर्पण की मूल सामग्री हैं, जिनसे वसु-रुद्र-आदित्य रूप पितरों को तृप्त किया जाता है।

कुशातिलजल
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

तिल भगवान विष्णु से कैसे जुड़ा है?

तिल भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न माने गए हैं।

तिलभगवान विष्णुदान
पूजन सामग्री

शालिग्राम पर चावल क्यों नहीं चढ़ाते?

शालिग्राम पर चावल (अक्षत) चढ़ाना शास्त्रीय विधान के अनुसार निषिद्ध है। इसके स्थान पर श्वेत या कृष्ण तिल चढ़ाए जाते हैं। यह नियम तुलसी विवाह के संकल्प और पूजन में भी पालन किया जाता है।

शालिग्राम चावल निषेधतिलअक्षत
दान विधान

रथ सप्तमी के दिन क्या दान करना सबसे शुभ होता है?

इस दिन तांबे के बर्तन में 'तिल' रखकर दान करना सबसे अच्छा माना जाता है। अज्ञानता मिटाने के लिए घी का दीप-दान करना चाहिए। इसके अलावा लाल कपड़े, गुड़ और अन्न का दान करना चाहिए।

दानतिलदीप दान
जीवन एवं मृत्यु

श्राद्ध में कौन-कौन से पदार्थ उपयोग होते हैं?

श्राद्ध में — तिल, कुश, जल, दूध, जौ-चावल-गेहूँ, तुलसी, सफेद फूल, गंगाजल और मिष्टान्न उपयोग होते हैं। काले तिल और कुश अनिवार्य हैं। लाल फूल, स्टील के बर्तन निषेध हैं।

श्राद्धपदार्थतिल
देवता पूजा

शनि काला तिल सरसों तेल क्यों चढ़ाते

शनि का रंग काला — काली वस्तुएं उनसे जुड़ी। कथा: सूर्य पुत्र शनि को तेल से शीतलता। तिल में शनि ऊर्जा शमन गुण। दान से अशुभ प्रभाव कम। तेल मालिश शारीरिक रूप से भी लाभकारी।

शनितिलसरसों
श्राद्ध एवं पितृ कर्म

पितृपक्ष में तिल का दान क्यों करते हैं

तिल = विष्णु शरीर से उत्पन्न (गरुड़ पुराण), पापनाशक, पितर प्रिय, राक्षस निवारक, शुद्धिकारक। काले तिल = पितृ कर्म सर्वोत्तम। तिल-जल तर्पण, पिंड में तिल, तिल दान — सबमें प्रयोग।

तिलदानपितृपक्ष
श्राद्ध एवं पितृ कर्म

पितरों के लिए जल कैसे चढ़ाएं विधि सहित

दक्षिण मुख → तांबे पात्र (जल+काले तिल) → दाहिने हाथ (पितृ तीर्थ) से → 'गोत्राय... तिलोदकं तृप्यतु' → 3 बार अर्पित → भूमि/तुलसी में। जनेऊ दाहिने कंधे। पिता जीवित = पितृ तर्पण नहीं (कुछ परंपरा)।

तर्पणजलविधि
हवन

हवन में जौ और तिल मिलाकर आहुति देने का क्या विधान है

जौ+तिल: शान्ति हवन मूल। जौ=गुरु/ज्ञान/धन। तिल=शनि/पापनाश/पितृ। संयुक्त=सम्पूर्ण शान्ति-समृद्धि। नवग्रह/पितृ/वास्तु में। समभाग+घी।

जौतिलआहुति
हवन

हवन में तिल और घी की आहुति का क्या विशेष फल मिलता है

तिल=पापनाश/पितृ/शनि। घी=अग्नि/देवता/वायुशुद्धि/ऐश्वर्य। संयुक्त=चतुर्विध फल। घी+तिल→'स्वाहा'।

तिलघीआहुति
श्राद्ध विधि

श्राद्ध में तिल का प्रयोग क्यों होता है?

काले तिल = श्राद्ध में सबसे महत्वपूर्ण। विष्णु पुराण: विष्णु शरीर से उत्पन्न। पापनाशक + पितर प्रिय + राक्षस भगाने वाले। तर्पण, पिंड, भोजन सब में। काले तिल ही (सफेद नहीं)।

तिलश्राद्धपितृ शांति

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।