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श्राद्ध विधि📜 गरुड़ पुराण, विष्णु पुराण, धर्मशास्त्र1 मिनट पठन

श्राद्ध में तिल का प्रयोग क्यों होता है?

संक्षिप्त उत्तर

काले तिल = श्राद्ध में सबसे महत्वपूर्ण। विष्णु पुराण: विष्णु शरीर से उत्पन्न। पापनाशक + पितर प्रिय + राक्षस भगाने वाले। तर्पण, पिंड, भोजन सब में। काले तिल ही (सफेद नहीं)।

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विस्तृत उत्तर

काले तिल श्राद्ध में सबसे महत्वपूर्ण सामग्री है — बिना तिल श्राद्ध अधूरा।

कारण (शास्त्रीय)

  1. 1विष्णु के पसीने से उत्पन्न — विष्णु पुराण के अनुसार तिल भगवान विष्णु के शरीर से उत्पन्न हुए — इसलिए ये अत्यंत पवित्र।
  2. 2पापनाशक — तिल में पापों को नष्ट करने की शक्ति (शास्त्रीय मान्यता)।
  3. 3पितर प्रिय — पितरों को काले तिल अत्यंत प्रिय (गरुड़ पुराण)।
  4. 4राक्षस/असुर भगाने — तिल नकारात्मक शक्तियों को दूर करते हैं। जहाँ तिल हों वहाँ असुर/राक्षस नहीं आते।
  5. 5तर्पण में अनिवार्य — तिल + जल = पितृ तर्पण का मूलाधार।

प्रयोग

  • तर्पण: काले तिल + जल — पितरों को अर्पित।
  • पिंड: जौ आटा + तिल + शहद — पिंड बनाने में।
  • भोजन: श्राद्ध भोजन में तिल मिलाना।
  • दान: तिल का दान — पितरों के लिए शुभ।

विशेष: काले तिल ही उपयोग करें — सफेद तिल श्राद्ध में प्रयोग नहीं होते।

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शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, विष्णु पुराण, धर्मशास्त्र
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