विस्तृत उत्तर
काले तिल श्राद्ध में सबसे महत्वपूर्ण सामग्री है — बिना तिल श्राद्ध अधूरा।
कारण (शास्त्रीय)
- 1विष्णु के पसीने से उत्पन्न — विष्णु पुराण के अनुसार तिल भगवान विष्णु के शरीर से उत्पन्न हुए — इसलिए ये अत्यंत पवित्र।
- 2पापनाशक — तिल में पापों को नष्ट करने की शक्ति (शास्त्रीय मान्यता)।
- 3पितर प्रिय — पितरों को काले तिल अत्यंत प्रिय (गरुड़ पुराण)।
- 4राक्षस/असुर भगाने — तिल नकारात्मक शक्तियों को दूर करते हैं। जहाँ तिल हों वहाँ असुर/राक्षस नहीं आते।
- 5तर्पण में अनिवार्य — तिल + जल = पितृ तर्पण का मूलाधार।
प्रयोग
- ▸तर्पण: काले तिल + जल — पितरों को अर्पित।
- ▸पिंड: जौ आटा + तिल + शहद — पिंड बनाने में।
- ▸भोजन: श्राद्ध भोजन में तिल मिलाना।
- ▸दान: तिल का दान — पितरों के लिए शुभ।
विशेष: काले तिल ही उपयोग करें — सफेद तिल श्राद्ध में प्रयोग नहीं होते।





