विस्तृत उत्तर
श्राद्ध में दूध और दही का विशेष महत्व है — ये पितरों की तृप्ति के लिए आवश्यक माने गए हैं।
दूध का महत्व
- ▸गाय का दूध = सबसे पवित्र (गो-माता से प्राप्त)।
- ▸खीर (दूध+चावल) = श्राद्ध का अनिवार्य पकवान।
- ▸पिंड में दूध मिलाया जाता है।
- ▸दूध = सोम (चंद्रमा) का प्रतीक — पितर सोमलोक में। दूध = पितरों का आहार।
दही का महत्व
- ▸पंचामृत (दूध+दही+घी+शहद+चीनी) = देव अभिषेक — श्राद्ध में भी।
- ▸पिंड पर दूध, दही और मधु चढ़ाकर पितरों से तृप्ति प्रार्थना।
- ▸दही = शीतलता — पितरों को शीतलता/शांति।
ध्यान दें: कुछ श्राद्ध परंपराओं में दूध का प्रयोग कम करें कहा जाता है — यह परंपरा/क्षेत्र भिन्नता है। सामान्यतः दूध-दही दोनों शुभ।

