विस्तृत उत्तर
गया (बिहार) को पितरों के मोक्ष का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ माना जाता है।
क्यों जरूरी
- 1वायु पुराण/गया महात्म्य: गयासुर (एक दैत्य) ने कठोर तपस्या की। उसके शरीर पर भगवान विष्णु ने पैर रखा — वह स्थान विष्णुपद कहलाया। ब्रह्मा जी ने वरदान दिया: 'गया में पिंडदान करने से पितर सीधे मोक्ष पाएंगे।'
- 1गरुड़ पुराण: गया में एक बार पिंडदान = सात पीढ़ियों के पितरों को मोक्ष।
- 1फल्गु नदी — गया की पवित्र नदी। इसके तट पर पिंडदान अत्यंत फलदायक।
- 1विष्णुपद मंदिर — भगवान विष्णु के चरण चिह्न। यहाँ पिंडदान = पितर सीधे विष्णुलोक।
- 1श्रीराम ने भी गया में पिंडदान किया — अपने पिता दशरथ के लिए (रामायण)।
विशेषता: भारत में अन्य तीर्थों (प्रयागराज, काशी, हरिद्वार) में भी पिंडदान होता है, पर गया को 'पितृ तीर्थ' कहा जाता है — यहाँ का पिंडदान सर्वश्रेष्ठ।





