विस्तृत उत्तर
घर पर सरल तर्पण विधि:
तैयारी
- ▸प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र।
- ▸तांबे/पीतल का लोटा (लोहे का नहीं)।
- ▸काले तिल, कुश (दर्भ घास — न मिले तो दूब), गंगाजल (सादा जल भी चलेगा)।
विधि
- 1दक्षिण दिशा में मुख करके बैठें (पितर दिशा)।
- 2कुश का आसन बिछाएँ (न हो तो ऊनी/सूती)।
- 3जनेऊ उल्टा करें — बाएं कंधे पर (अपसव्य/प्राचीनावीती)। जनेऊ न हो तो कुश अनामिका में।
- 4लोटे में जल + काले तिल डालें।
- 5संकल्प: *'मैं (नाम), (गोत्र) गोत्र, अपने पितरों की तृप्ति हेतु तर्पण करता/करती हूँ।'*
- 6दोनों हाथों से (अंगूठा+तर्जनी के बीच से) 3-3 बार तिल-जल अर्पित करें:
- ▸*'(पिता का नाम) गोत्रे... इदं तिलोदकं तस्मै स्वधा नमः'* — 3 बार।
- ▸दादा, परदादा के नाम से भी 3-3 बार।
- 1न पता हो तो: *'ॐ पितृभ्यो नमः, इदं सतिलं जलं तेभ्यः स्वधा नमः'* — 3 बार।
- 2अंत में जनेऊ सीधा करें, हाथ धोएँ।
सबसे सरल (5 मिनट): दक्षिण मुख, लोटे में तिल-जल, *'ॐ पितृभ्यो नमः'* बोलकर 3 बार जल गिराएँ। बस!





