तर्पण कैसे करें घर पर — सरल विधि?
की चेकलिस्ट
दक्षिण मुख, तांबे लोटे में जल+काले तिल, जनेऊ उल्टा (अपसव्य), 'पिता का नाम+गोत्र...इदं तिलोदकं तस्मै स्वधा नमः' — 3-3 बार। सरलतम: 'ॐ पितृभ्यो नमः' बोलकर 3 बार तिल-जल।
- 1दक्षिण दिशा में मुख करके बैठें (पितर दिशा)।
- 2कुश का आसन बिछाएँ (न हो तो ऊनी/सूती)।
- 3जनेऊ उल्टा करें — बाएं कंधे पर (अपसव्य/प्राचीनावीती)। जनेऊ न हो तो कुश अनामिका में।
- 4लोटे में जल + काले तिल डालें।
- 5संकल्प: *'मैं (नाम), (गोत्र) गोत्र, अपने पितरों की तृप्ति हेतु तर्पण करता/करती हूँ।'*
- 6दोनों हाथों से (अंगूठा+तर्जनी के बीच से) 3-3 बार तिल-जल अर्पित करें:
- 7न पता हो तो: *'ॐ पितृभ्यो नमः, इदं सतिलं जलं तेभ्यः स्वधा नमः'* — 3 बार।
- 8अंत में जनेऊ सीधा करें, हाथ धोएँ।
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