विस्तृत उत्तर
अमावस्या पितरों का विशेष दिन माना जाता है — इस दिन तर्पण अत्यंत फलदायक।
अमावस्या तर्पण विधि
- 1प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान करें।
- 2स्वच्छ वस्त्र, तिलक।
- 3दक्षिण दिशा में मुख, कुश आसन।
- 4घर पर तर्पण विधि (Q547 जैसी) अपनाएँ।
- 5विशेष: अमावस्या पर तीन पीढ़ियों (पिता, दादा, परदादा) + माता पक्ष के पितरों का भी तर्पण करें।
- 6तर्पण के बाद कौवे को भोजन + गाय को ग्रास।
- 7यथाशक्ति ब्राह्मण/गरीब को भोजन/दान।
- 8पीपल को जल चढ़ाएँ।
अमावस्या विशेष नियम
- ▸सात्विक भोजन (प्याज-लहसुन वर्जित)।
- ▸मांसाहार-मदिरा वर्जित।
- ▸शाम को दीपक अवश्य जलाएँ।
- ▸पितरों का स्मरण + क्षमा प्रार्थना।
महत्वपूर्ण अमावस्या: सोमवती अमावस्या (सोमवार को), मौनी अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या — विशेष फलदायक।





