विस्तृत उत्तर
अमावस्या की रात्रि ब्रह्मांडीय विलय और शून्य की ऊर्जा से परिपूर्ण होती है।
चन्द्रमा, जो मन का प्रतीक है, उसकी अनुपस्थिति एक आध्यात्मिक रिक्तता का निर्माण करती है, जो मुक्ति (मोक्ष) और अहंकार के विलय के लिए की जाने वाली साधनाओं के लिए परम शक्तिशाली मानी गई है।





