विस्तृत उत्तर
अमावस्या (चंद्रहीन रात) = तांत्रिक साधना का सर्वोत्तम समय:
कारण
- 1अंधकार = शक्ति: अमावस्या = सबसे अंधेरी रात। तंत्र: अंधकार = शक्ति का मूल स्रोत (महाकाली = अंधकार/काल की देवी)।
- 2चंद्र प्रभाव शून्य: चंद्र = मन। अमावस्या = मन शांत/अंतर्मुखी → गहन ध्यान संभव।
- 3सूक्ष्म ऊर्जा तीव्र: अमावस्या = सूक्ष्म जगत (astral plane) अधिक सक्रिय → मंत्र शक्ति अधिक प्रभावी।
- 4पितृ तिथि: अमावस्या = पितरों की तिथि। पितृ तर्पण विशेष फलदायी।
- 5काली/धूमावती/भैरव साधना अमावस्या रात्रि विशेष।
सावधानी
- ▸अमावस्या = सात्विक और तामसिक दोनों साधना हेतु।
- ▸सात्विक: पितृ तर्पण, दान, ध्यान — सभी करें।
- ▸तामसिक: श्मशान साधना आदि = केवल दीक्षित।
- ▸अमावस्या = 'भूत-प्रेत' सक्रिय (तांत्रिक मान्यता) — सामान्य लोग रात्रि में सावधान।
