विस्तृत उत्तर
तांत्रिक दीक्षित साधक की दैनिक (नित्य) साधना:
प्रातः (ब्रह्म मुहूर्त)
- 1स्नान → शुद्धि मंत्र।
- 2संध्या वंदन / गायत्री जप।
- 3गुरु पूजन — गुरु ध्यान + मंत्र।
- 4इष्ट पूजन — इष्ट देवता की पूजा (षोडशोपचार/पंचोपचार)।
- 5न्यास — ऋष्यादि + षडंग + करन्यास।
- 6मंत्र जप — दीक्षा मंत्र निर्धारित संख्या (1/3/5/11 माला)।
- 7ध्यान — इष्ट ध्यान 15-30 मिनट।
- 8क्षमा प्रार्थना + प्रसाद वितरण।
सायं
- ▸संध्या जप, दीपक, स्तोत्र/कवच पाठ।
सामान्य भक्त (बिना तांत्रिक दीक्षा)
सरल: स्नान → दीपक → 'ॐ नमः शिवाय'/गायत्री 108 → ध्यान 10 मिनट → क्षमा प्रार्थना = पर्याप्त।
सबसे महत्वपूर्ण: नियमितता — 5 मिनट प्रतिदिन > 1 घंटा कभी-कभी।

