ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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तंत्र शास्त्र📜 तंत्र शास्त्र, शाक्त/शैव परंपरा1 मिनट पठन

तंत्र में दैनिक साधना क्या होनी चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

दीक्षित: स्नान→संध्या→गुरु पूजन→इष्ट पूजा→न्यास→मंत्र जप (1-11 माला)→ध्यान→क्षमा। सायं: जप+दीपक+स्तोत्र। सामान्य: स्नान→दीपक→108 जप→10 मिनट ध्यान→क्षमा। नियमितता = सबसे महत्वपूर्ण।

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विस्तृत उत्तर

तांत्रिक दीक्षित साधक की दैनिक (नित्य) साधना:

प्रातः (ब्रह्म मुहूर्त)

  1. 1स्नान → शुद्धि मंत्र।
  2. 2संध्या वंदन / गायत्री जप।
  3. 3गुरु पूजन — गुरु ध्यान + मंत्र।
  4. 4इष्ट पूजन — इष्ट देवता की पूजा (षोडशोपचार/पंचोपचार)।
  5. 5न्यास — ऋष्यादि + षडंग + करन्यास।
  6. 6मंत्र जप — दीक्षा मंत्र निर्धारित संख्या (1/3/5/11 माला)।
  7. 7ध्यान — इष्ट ध्यान 15-30 मिनट।
  8. 8क्षमा प्रार्थना + प्रसाद वितरण।

सायं

  • संध्या जप, दीपक, स्तोत्र/कवच पाठ।

सामान्य भक्त (बिना तांत्रिक दीक्षा)

सरल: स्नान → दीपक → 'ॐ नमः शिवाय'/गायत्री 108 → ध्यान 10 मिनट → क्षमा प्रार्थना = पर्याप्त।

सबसे महत्वपूर्ण: नियमितता — 5 मिनट प्रतिदिन > 1 घंटा कभी-कभी।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, शाक्त/शैव परंपरा
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