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कपालिनी-कुण्डलिनी साधना: सौभाग्य व पारिवारिक सुख (सिद्ध मंत्र) !
साधना

कपालिनी-कुण्डलिनी साधना: सौभाग्य व पारिवारिक सुख (सिद्ध मंत्र) !

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स्त्री सौभाग्यवर्धक शाबर मंत्र

स्त्री सौभाग्यवर्धक शाबर मंत्र

मंत्र

मंत्र: ॐ ह्रीं कपालिनि कुल कुण्डलिनि मे सिद्धि देहि भाग्यं देहि देहि स्वाहा।।

देवता

कपालिनी (देवी काली या दुर्गा का एक उग्र रूप) एवं कुलकुण्डलिनी (आंतरिक आध्यात्मिक शक्ति)।

स्रोत

शाबर तंत्र परंपरा।

प्रयोजन

स्त्रियों की समस्त शारीरिक एवं मानसिक व्याधियों का निवारण, पति, पुत्र एवं परिवार में प्रियता तथा सौभाग्य की वृद्धि।

विधि

इस मंत्र का जप कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी से प्रारंभ करके अगले मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तक (अर्थात् एक मास तक) नित्य 1001 बार करने का विधान है।

महत्व

यह मंत्र विशेष रूप से स्त्रियों के कल्याण और सौभाग्य के लिए है। 'कपालिनी' और 'कुलकुण्डलिनी' जैसे शब्द इसकी तांत्रिक पृष्ठभूमि को इंगित करते हैं। शाबर मंत्रों की प्रकृति के अनुसार यह लोकभाषा के निकट होते हुए भी गूढ़ शक्तियों को समाहित किये हुए है।