विस्तृत उत्तर
तंत्र शास्त्र = एकमात्र शास्त्र जहां स्त्री को सर्वोच्च स्थान:
शास्त्रीय प्रमाण
- 1आगम-कल्पद्रुम: 'स्त्रियो दीक्षा शुभा प्रोक्ता मातुश्चाष्टगुणाः स्मृताः' — स्त्री से दीक्षा शुभ, माता से 8 गुना फलदायी।
- 2शाक्त तंत्र: देवी = परब्रह्म। स्त्री = शक्ति का भौतिक रूप। स्त्री का अपमान = शक्ति का अपमान।
- 3कुलार्णव तंत्र: तंत्र में जातिगत/लिंगगत भेदभाव नहीं — सभी अधिकारी।
- 4प्रभात खबर रिपोर्ट (2024): 'तंत्र दीक्षा में 10 में से 8 गुरु महिला' — पूर्वोत्तर भारत में आज भी।
स्त्री का स्थान
- ▸गुरु: स्त्री गुरु = विशेष सम्मानित (माता = सर्वश्रेष्ठ गुरु)।
- ▸साधिका: स्त्री साधक = पुरुष के समकक्ष, कुछ मतों में श्रेष्ठ।
- ▸शक्ति स्वरूप: चक्रपूजा में स्त्री = शक्ति प्रतीक — पूजनीय।
- ▸64 योगिनी: स्त्री शक्ति = तांत्रिक साधना का आधार।
मनुस्मृति: 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता' — जहां नारी पूजित, वहां देवता।


