विस्तृत उत्तर
घंटी/घंटा = पूजा और तांत्रिक साधना का अनिवार्य अंग:
उद्देश्य
- 1देवता आवाहन: घंटी ध्वनि = देवता को बुलाना — 'मैं पूजा आरंभ कर रहा हूं।'
- 2नकारात्मकता नाश: घंटी ध्वनि = नकारात्मक/तामसिक शक्तियां भागें। तंत्र: भूत-प्रेत घंटी ध्वनि सहन नहीं कर पाते।
- 3मन एकाग्र: तीव्र ध्वनि = मन वर्तमान में — विचार शून्य।
- 4'ॐ' ध्वनि: घंटी गूंज = 'ॐ' के निकट — ब्रह्म नाद।
- 5चक्र सक्रियता: ध्वनि कंपन = शरीर चक्रों पर प्रभाव।
- 6वातावरण शुद्धि: ध्वनि तरंगें = वायु शुद्ध।
तांत्रिक विशेष
- ▸आरती = घंटी अनिवार्य।
- ▸यंत्र प्राण प्रतिष्ठा = घंटी ध्वनि सहित।
- ▸बायें हाथ = घंटी, दायें = आरती/पूजा सामग्री।
आगम: 'आगमार्थं तु देवानां गमनार्थं तु रक्षसाम्' — घंटी = देवता आएं, राक्षस भागें।



