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तंत्र शास्त्र📜 आगम शास्त्र, पूजा विधि, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

तांत्रिक साधना में घंटी बजाने का क्या उद्देश्य है?

संक्षिप्त उत्तर

आगम: 'देवता आएं, राक्षस भागें।' उद्देश्य: देवता आवाहन, नकारात्मकता नाश, मन एकाग्र, ॐ ध्वनि, चक्र सक्रियता, वातावरण शुद्धि। बायें हाथ घंटी, दायें पूजा। आरती/प्राण प्रतिष्ठा में अनिवार्य।

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विस्तृत उत्तर

घंटी/घंटा = पूजा और तांत्रिक साधना का अनिवार्य अंग:

उद्देश्य

  1. 1देवता आवाहन: घंटी ध्वनि = देवता को बुलाना — 'मैं पूजा आरंभ कर रहा हूं।'
  2. 2नकारात्मकता नाश: घंटी ध्वनि = नकारात्मक/तामसिक शक्तियां भागें। तंत्र: भूत-प्रेत घंटी ध्वनि सहन नहीं कर पाते।
  3. 3मन एकाग्र: तीव्र ध्वनि = मन वर्तमान में — विचार शून्य।
  4. 4'ॐ' ध्वनि: घंटी गूंज = 'ॐ' के निकट — ब्रह्म नाद।
  5. 5चक्र सक्रियता: ध्वनि कंपन = शरीर चक्रों पर प्रभाव।
  6. 6वातावरण शुद्धि: ध्वनि तरंगें = वायु शुद्ध।

तांत्रिक विशेष

  • आरती = घंटी अनिवार्य।
  • यंत्र प्राण प्रतिष्ठा = घंटी ध्वनि सहित।
  • बायें हाथ = घंटी, दायें = आरती/पूजा सामग्री।

आगम: 'आगमार्थं तु देवानां गमनार्थं तु रक्षसाम्' — घंटी = देवता आएं, राक्षस भागें।

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शास्त्रीय स्रोत
आगम शास्त्र, पूजा विधि, तंत्र शास्त्र
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