ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
तंत्र शास्त्र📜 तंत्र शास्त्र, कवच स्तोत्र, शाक्त परंपरा1 मिनट पठन

तंत्र में कवच क्या होता है और कैसे धारण करें?

संक्षिप्त उत्तर

कवच = मंत्र द्वारा अंग-अंग रक्षा। प्रसिद्ध: देवी कवच, नारायण कवच (भागवत 6.8), रामरक्षा, हनुमान कवच। धारण: प्रतिदिन पाठ = 'धारण'। प्रातः/यात्रा/संकट में। बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते।

📖

विस्तृत उत्तर

कवच = मंत्र/स्तोत्र द्वारा शरीर के प्रत्येक अंग की दैवी सुरक्षा — 'कवच' = 'बख्तर/शस्त्र-रोधक'।

कवच क्या है: शरीर के प्रत्येक अंग (शिर, मुख, हृदय, नाभि, पाद आदि) पर देवता/मंत्र की रक्षा स्थापित। कवच पाठ = अदृश्य सुरक्षा कवच धारण।

प्रसिद्ध कवच

  1. 1देवी कवच (दुर्गा सप्तशती) — सर्वरक्षा।
  2. 2नारायण कवच (श्रीमद्भागवत 6.8) — विष्णु सुरक्षा।
  3. 3रामरक्षा स्तोत्र — राम कवच।
  4. 4हनुमान कवच — भय नाश।
  5. 5शिव कवच / त्रैलोक्य विजय कवच।

कैसे धारण करें

  1. 1प्रतिदिन पाठ — कवच स्तोत्र पढ़ना ही 'धारण' करना है।
  2. 2प्रातःकाल/यात्रा पूर्व/संकट काल में।
  3. 3शुद्ध स्वर में, भक्ति भाव से।
  4. 4कवच = अंग-अंग रक्षा — प्रत्येक श्लोक में 'रक्षतु' (रक्षा करें)।

यंत्र/ताबीज कवच: कुछ कवच लिखकर ताबीज में रखकर शरीर पर धारण — गुरु से अभिमंत्रित।

बिना दीक्षा सभी कवच पाठ कर सकते हैं — ये भक्ति स्तोत्र हैं।

📜
शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, कवच स्तोत्र, शाक्त परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

कवचरक्षामंत्रतंत्र

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

तंत्र में कवच क्या होता है और कैसे धारण करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको तंत्र शास्त्र से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर तंत्र शास्त्र, कवच स्तोत्र, शाक्त परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।