विस्तृत उत्तर
तांत्रिक साधना में गुरु अनिवार्य — यह तंत्र शास्त्र का सर्वमान्य सिद्धांत:
कारण
- 1मंत्र चैतन्य: बिना दीक्षा मंत्र 'निद्रित' (सोया) — गुरु प्राण डालकर जागृत करते हैं।
- 2सूक्ष्म ज्ञान: तांत्रिक विधि = अत्यंत सूक्ष्म — एक भूल = गंभीर परिणाम। गुरु सही मार्ग दिखाते हैं।
- 3शक्ति हस्तांतरण: तंत्र = शक्ति विद्या — शक्ति गुरु→शिष्य परंपरा से प्रवाहित।
- 4सुरक्षा कवच: तांत्रिक साधना में उग्र शक्तियां — गुरु कृपा = सुरक्षा कवच।
- 5अनुभव: ग्रंथ = सिद्धांत। गुरु = अनुभव + मार्गदर्शन।
कुलार्णव तंत्र: 'गुरुं विना न मंत्राः स्युः' — गुरु बिना मंत्र नहीं होते।
गुरु गीता: 'गुकारस्त्वन्धकारो हि रुकारस्तेज उच्यते। अज्ञानग्रासकं ब्रह्म गुरुरेव न संशयः।।' — 'गु'=अंधकार, 'रु'=प्रकाश। अज्ञान नाश करने वाला = गुरु।


