विस्तृत उत्तर
अभिमंत्रित जल = मंत्र जप कर शक्ति संचारित जल।
कैसे बनाएं
शुद्ध जल (ताम्र/मिट्टी पात्र) → मंत्र जप (108 बार) जल पर करें / जल को स्पर्श करते हुए → जल में मंत्र ऊर्जा संचारित।
उपयोग
- 1रोगी को पिलाना: मंत्र ऊर्जा = शीघ्र स्वास्थ्य लाभ। महामृत्युंजय जप जल = रोगी हेतु।
- 2गृह शुद्धि: अभिमंत्रित जल छिड़काव = नकारात्मकता नाश।
- 3शरीर शुद्धि: स्नान/सिर पर छिड़काव।
- 4अभिषेक: देवता मूर्ति/यंत्र पर।
- 5कृषि: खेत/पौधों पर = वृद्धि (कुछ परंपराओं में)।
वैज्ञानिक संदर्भ: डॉ. मसारू इमोतो (जापान) का जल प्रयोग — सकारात्मक शब्दों/ध्वनि से जल क्रिस्टल सुंदर बने। (विवादास्पद शोध, परंतु रोचक)।
ध्यान रखें: अभिमंत्रित जल = चिकित्सा का विकल्प नहीं। श्रद्धा + चिकित्सा = सर्वोत्तम।