विस्तृत उत्तर
चक्रपूजा = तांत्रिक साधकों की सामूहिक पूजा — अत्यंत गोपनीय:
सामान्य विवरण
- ▸साधक-साधिकाएं वृत्ताकार (चक्र) में बैठकर पूजा।
- ▸केंद्र में देवी/यंत्र स्थापित।
- ▸मंत्र जप, ध्यान, पूजा — सामूहिक ऊर्जा।
- ▸गुरु = चक्र के केंद्र में।
[समीक्षा आवश्यक]: चक्रपूजा की विस्तृत विधि = अत्यंत गोपनीय और गुरुमुखी। सार्वजनिक रूप से पूर्ण विधि देना = शास्त्र विरुद्ध और अनुचित।
ध्यान रखें
- ▸चक्रपूजा = दीक्षित साधकों के लिए ही।
- ▸इंटरनेट/पुस्तक से चक्रपूजा = अत्यंत खतरनाक।
- ▸चक्रपूजा ≠ अनैतिक — यह उच्च आध्यात्मिक अनुष्ठान है।
- ▸तथाकथित 'चक्रपूजा' के नाम पर शोषण से सावधान।



