विस्तृत उत्तर
नित्य पूजा: प्रतिदिन अनिवार्य — छोड़ने से दोष।
- ▸उदाहरण: दैनिक इष्ट पूजा, संध्या वंदन, मंत्र जप।
- ▸दीक्षित साधक = नित्य पूजा अनिवार्य।
- ▸'नित्यं नैमित्तिकं काम्यं त्रिविधं कर्म कीर्तितम्' — तीन कर्म: नित्य, नैमित्तिक, काम्य।
नैमित्तिक पूजा: विशेष अवसर/निमित्त पर — निश्चित तिथि/पर्व।
- ▸उदाहरण: नवरात्रि, दीपावली, शिवरात्रि, ग्रहण, जन्मदिन।
- ▸अवसर आने पर अनिवार्य, अन्यथा नहीं।
भेद
- ▸नित्य = प्रतिदिन, अनिवार्य, सरल।
- ▸नैमित्तिक = विशेष तिथि, अवसरानुसार, विस्तृत।
- ▸नित्य > नैमित्तिक (महत्व) — 'नित्य छूटे = दोष, नैमित्तिक छूटे = कम दोष।'




