का सरल उत्तर
नित्य: प्रतिदिन अनिवार्य (दैनिक पूजा/जप), छूटे=दोष। नैमित्तिक: विशेष अवसर (नवरात्रि/शिवरात्रि/ग्रहण), अवसर पर अनिवार्य। 'नित्यं नैमित्तिकं काम्यं त्रिविधं कर्म।' नित्य > नैमित्तिक (महत्व)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।