विस्तृत उत्तर
अग्नि स्थापना = हवन/होम कुंड में दिव्य अग्नि प्रज्वलन — पूजा/अनुष्ठान का मूल:
सामान्य विधि
- 1कुंड निर्माण: चतुष्कोण (सामान्य), ईंट/ताम्र कुंड।
- 2समिधा (लकड़ी): आम, पीपल, पलाश, बिल्व — शुभ काष्ठ। बबूल = कुछ में वर्जित।
- 3अग्नि प्रज्वलन: माचिस से नहीं (कुछ परंपरा) — काष्ठ घर्षण (अरणि) या घी बत्ती से। व्यावहारिक: माचिस/दीपक से मान्य।
- 4अग्नि स्थापना मंत्र: 'ॐ भूर्भुवः स्वः अग्नये नमः' + विशिष्ट अग्नि मंत्र।
- 5घी + समिधा: प्रथम आहुति = घी + समिधा + मंत्र।
ऋग्वेद: 'अग्निमीळे पुरोहितम्' — अग्नि = पुरोहित (देवताओं का मुख)।
ध्यान रखें: विस्तृत हवन विधि = विद्वान कर्मकांडी/गुरु से सीखें। अग्नि = पवित्र — सम्मान से।
