तंत्र शास्त्रतंत्र में अग्नि स्थापना कैसे करें?कुंड (चतुष्कोण) → शुभ समिधा (आम/पीपल/बिल्व) → अग्नि प्रज्वलन (काष्ठ/दीपक) → 'ॐ अग्नये नमः' → घी+समिधा+मंत्र = प्रथम आहुति। ऋग्वेद: 'अग्नि=देवताओं का मुख।' विद्वान से सीखें।#अग्नि#स्थापना#हवन
शिवभक्तिशिवभक्ति पाने के साधन कौन-कौन से हैं?ज्ञान, अध्यापन, होम, ध्यान, यज्ञ, तप, वेद, दान और अध्ययन शिवभक्ति प्राप्त करने के साधन बताए गए हैं।#शिवभक्ति#ज्ञान#अध्यापन
नियम और पात्रताअग्नि के कान-नाक-आँख में होम करने से क्या होता है?शास्त्रीय लक्षण (लाक्षणिक अर्थ): कान में होम → बहरा, नाक में होम → तनावग्रस्त, आँख में होम → अंधा। गूढ़ अर्थ: आहुति सदैव पूर्ण प्रज्वलित ज्वाला (अग्नि के मुख) में ही दें।#अग्नि कान नाक आँख#होम#बहरा अंधा
शिव शाबर मंत्रशाबर मंत्रों का पुनः जागरण कब और कैसे करना चाहिए?हर साल शुभ तिथि पर एक माला जप और होम करके मंत्र का पुनः जागरण करना चाहिए।#मंत्र जागरण#साधना पूर्णता#होम
महिला एवं धर्ममहिलाएं होम हवन में भाग ले सकती क्याहाँ। वैदिक: पत्नीसंयाज (पत्नी=यज्ञ सहभागी); बिना पत्नी अपूर्ण। गार्गी/अपाला। आर्य समाज=स्वतंत्र हवन। विवाह=दोनों अग्नि। मूल वैदिक=सहभागिता।#होम#हवन#महिला
मंदिर पूजामंदिर में होम करवाने की विधि क्या होती है?होम विधि: संकल्प (नाम-गोत्र-उद्देश्य) → अग्नि स्थापना (वैदिक मंत्र) → आहुतियाँ ('स्वाहा' + घी+सामग्री × 108/1008) → पूर्णाहुति (नारियल+घी) → शान्ति पाठ → प्रसाद। सामग्री: घी, तिल, जौ, समिधा, हवन सामग्री। प्रकार: गणपति, नवग्रह, महामृत्युंजय, रुद्र, लक्ष्मी।#होम#हवन#अग्निहोत्र
तंत्र साधनातंत्र में होम और हवन की विशेष विधि क्या है?कुंड: त्रिकोण(शक्ति)/वर्ग(शिव)/गोल(विष्णु)। देवता अनुसार सामग्री। मंत्र+'स्वाहा'+घी। दशांश (जप÷10)। पूर्णाहुति (नारियल)। अग्नि=देवमुख। तांत्रिक: यंत्र समक्ष, बीज, रात्रि।#होम#हवन#तांत्रिक