विस्तृत उत्तर
41 दिनों की साधना के बाद मंत्र स्वतः सिद्ध हो जाते हैं। लेकिन साधना पूर्ण होने के बाद भी, हर वर्ष उन्हीं तिथियों में या किसी शुभ तिथि पर मंत्र का पुनः जागरण करना चाहिए। जागरण में कम से कम एक माला जप करने और होम करने का विधान है। अधिक जप करने पर यह मंत्र बहुत ज्यादा फलदाई होता है। साधना के बाद नित्य रूप से जप जारी रखना (11 या 21 बार) मंत्र के प्रभाव को जीवन भर बनाए रखता है।





