विस्तृत उत्तर
शाबर परंपरा के अनुसार, 41 दिनों तक दृढ़ संकल्प और नियमों के साथ लगातार जप करने से मंत्र स्वतः सिद्ध हो जाते हैं। यह अवधि साधक के ऊर्जा तंत्र को मंत्र की शक्ति के साथ पूरी तरह से लयबद्ध (Tune) करने के लिए आवश्यक मानी गई है, जिससे मंत्र की शक्ति जाग्रत होती है।





