विस्तृत उत्तर
शाबर मंत्रों के संरक्षण और प्रचार का श्रेय मुख्य रूप से नाथपंथ के महान सिद्धों, विशेषकर गुरु गोरखनाथ और नवनाथ चौरासी सिद्धों को जाता है। नाथपंथ ने इन मंत्रों को लोक-कल्याण के लिए सुरक्षित रखा। इसीलिए कई शाबर मंत्रों में गोरखनाथ का विशेष आवाहन होता है। यह परंपरा शिव की कृपा और नाथ सिद्धों के तप का प्रत्यक्ष फल है, जो आज भी लोक-विश्वास के तौर पर जीवित है।





