हिंदू संस्कार एवं परंपरानाथ संप्रदाय में शिव पूजा कैसे होती हैनाथ संप्रदाय में शिव को 'आदिनाथ' और 'अलख निरंजन' कहते हैं। उपासना तीन रूपों में होती है — शिवलिंग पूजन (भस्म, बेलपत्र, जल), हठयोग से शरीर के भीतर शिव-शक्ति का साक्षात्कार, और गुरु को शिव-स्वरूप मानना। 'आदेश' उनका ईश्वर-वंदन है।#नाथ संप्रदाय#शिव पूजा#गोरखनाथ
तंत्र परंपरागोरखनाथ की तंत्र साधना और अन्य तांत्रिक साधना में क्या अंतर है?गोरखनाथ: हठ योग (शरीर), शाबर (लोकभाषा), जात-पात नहीं, 'काया=ब्रह्मांड'। अन्य: मंत्र/यंत्र/कर्मकांड, संस्कृत, पंचमकार। दोनों = मोक्ष। गोरखनाथ = योग प्रधान।
मंत्र साधनाशाबर मंत्रों को सिद्ध करने की सरल विधिशाबर मंत्र स्वयं सिद्ध होते हैं। ग्रहण, होली या दीपावली की रात को एकांत में तेल का दीपक जलाकर पूर्ण विश्वास के साथ 108 या 1008 बार जपने से ये तुरंत सिद्ध हो जाते हैं।#शाबर मंत्र#गोरखनाथ#सिद्धि
तंत्र परंपरानाथ संप्रदाय में तंत्र साधना कैसे की जाती है?शिव→मत्स्येन्द्र→गोरक्ष। हठ योग (आसन/प्राणायाम/बंध/मुद्रा), कुंडलिनी, नाद योग, शाबर मंत्र (लोकभाषा), काया=ब्रह्मांड, जात-पात नहीं। आधुनिक Yoga = नाथ विरासत।#नाथ#संप्रदाय#तंत्र
शिव शाबर मंत्रशाबर मंत्रों के संदर्भ में 'नाथपंथ' का क्या योगदान है?नाथ सिद्धों और गुरु गोरखनाथ ने शाबर मंत्रों को लोक-कल्याण के लिए सुरक्षित और प्रचारित किया।#नाथपंथ#गोरखनाथ#सिद्ध
शिव शाबर मंत्रकाली विद्या और नकारात्मक बंधन काटने का गोरखनाथ शाबर मंत्र क्या है?तंत्र बाधा काटने का मंत्र: 'ओम गोरखनाथाय नमः। जो भी काली विद्या मुझ पर करी... वह बंधन वहीं लौटे... ह फट स्वाहा।'#गोरखनाथ#काली विद्या#बंधन नाश
मंत्र विधिशाबर मंत्र क्या होते हैं और बिना दीक्षा जप सकते हैं या नहीं?शाबर = लोक भाषा मंत्र (नाथ/गोरखनाथ/सिद्ध परंपरा)। दावा: बिना दीक्षा, तत्काल फल। सत्यता: मूल शाबर गुरुमुखी थे। बाजार/इंटरनेट के अधिकांश अप्रामाणिक। सावधानी: अज्ञात स्रोत से न लें। वैदिक/भक्ति मंत्र सदा सुरक्षित और प्रमाणित।#शाबर मंत्र#लोक मंत्र#गोरखनाथ