विस्तृत उत्तर
नाथ संप्रदाय = शिव → मत्स्येन्द्रनाथ → गोरक्षनाथ → 9 नाथ:
साधना विशेषता
- 1हठ योग प्रधान: आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बंध — शरीर = साधना उपकरण। हठ योग प्रदीपिका = नाथ ग्रंथ।
- 2कुंडलिनी: हठ योग → कुंडलिनी जागरण = प्रमुख लक्ष्य।
- 3नाद योग: आंतरिक ध्वनि (अनाहत नाद) सुनना → समाधि।
- 4शाबर मंत्र: लोकभाषा मंत्र = नाथ विशेषता — सबके लिए सुलभ।
- 5काया साधना: 'काया ही ब्रह्मांड' — शरीर में ही सब कुछ।
- 6जात-पात भेद नहीं: गोरखनाथ = सभी वर्णों को दीक्षा।
9 नाथ: आदिनाथ (शिव), मत्स्येन्द्रनाथ, गोरक्षनाथ, चौरंगीनाथ, आदि।
आधुनिक: नाथ = हठ योग का मूल → आधुनिक Yoga = नाथ विरासत।





