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तंत्र परंपरा📜 काश्मीर शैव दर्शन, बंगाल शाक्त तंत्र1 मिनट पठन

काश्मीर शैव तंत्र और बंगाल तंत्र में क्या भेद है?

संक्षिप्त उत्तर

काश्मीर: शिव केंद्र, अद्वैत, ज्ञान+ध्यान, अभिनवगुप्त, शक्तिपात, सौम्य। बंगाल: शक्ति/काली, शाक्त, पूजा+कर्मकांड, उग्र+सौम्य। एकता: शिव-शक्ति अभेद — दृष्टि भिन्न।

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विस्तृत उत्तर

दो प्रमुख तंत्र परंपराएं:

| विषय | काश्मीर शैव | बंगाल तंत्र |

|-------|------------|-------------|

| केंद्र | शिव (प्रत्यभिज्ञा) | शक्ति/देवी (काली) |

| दर्शन | अद्वैत — 'सब शिव' | शाक्त — 'शक्ति सर्वोच्च' |

| आचार्य | अभिनवगुप्त, वसुगुप्त | बामाखेपा, रामकृष्ण |

| ग्रंथ | शिव सूत्र, तंत्रालोक | कालिका पुराण, कुलार्णव |

| साधना | ज्ञान+ध्यान प्रधान | पूजा+कर्मकांड प्रधान |

| शक्तिपात | प्रमुख — ईश्वर कृपा | गुरु दीक्षा |

| स्वरूप | सौम्य | उग्र+सौम्य |

| स्थान | काश्मीर/उत्तर | बंगाल/असम/ओडिशा |

एकता: दोनों = शिव-शक्ति अभेद। काश्मीर = शिव दृष्टि से, बंगाल = शक्ति दृष्टि से।

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शास्त्रीय स्रोत
काश्मीर शैव दर्शन, बंगाल शाक्त तंत्र
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