विस्तृत उत्तर
दक्षिण (श्री विद्या) vs उत्तर (शाक्त/शैव तंत्र):
| विषय | दक्षिण (श्री विद्या) | उत्तर (शाक्त तंत्र) |
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| देवी | ललिता/त्रिपुर सुंदरी | काली/दुर्गा |
| स्वरूप | सौम्य, श्रृंगार | उग्र + सौम्य |
| यंत्र | श्री चक्र (प्रधान) | विविध (काली/दुर्गा) |
| आचार्य | शंकराचार्य, अगस्त्य | अभिनवगुप्त, गोरखनाथ |
| साधना | समयाचार (शुद्ध/सौम्य) | कौलाचार (वाम+दक्षिण) |
| पंचमकार | पूर्णतः प्रतीकात्मक | वास्तविक (कुछ) + प्रतीकात्मक |
| ग्रंथ | ललिता सहस्रनाम, तंत्रराज | कालिका पुराण, रुद्रयामल |
| क्षेत्र | तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक | बंगाल, असम, काश्मीर |
एकता: दोनों = शक्ति उपासना। श्री विद्या = श्री कुल। उत्तर = काली कुल (प्रधान)।





