देवी ग्रंथललिता त्रिशती का पाठ करने की विधि और लाभ क्या है?
ललिता त्रिशती = 300 नाम (ब्रह्माण्ड पुराण)। 15 बीजाक्षर × 20 नाम। श्री विद्या का गोपनीय अंग। विधि: प्रातः, लाल वस्त्र, श्री यंत्र, कुमकुम, लाल पुष्प। शुक्रवार/पूर्णिमा शुभ। लाभ: सौभाग्य, दांपत्य सुख, विद्या, मोक्ष। कुछ मतों में गुरु दीक्षा सहित।
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