विस्तृत उत्तर
श्री विद्या = तंत्र शास्त्र की सर्वोच्च साधना — देवी ललिता त्रिपुर सुंदरी की उपासना:
क्या है: षोडशी/ललिता/राजराजेश्वरी की तांत्रिक उपासना पद्धति। पंचदशाक्षरी मंत्र (15 अक्षर) + श्री चक्र + ललिता सहस्रनाम = श्री विद्या।
प्रमुख यंत्र = श्री चक्र (श्री यंत्र)
- ▸9 त्रिकोण (4 शिव + 5 शक्ति) = 43 त्रिकोण निर्मित।
- ▸9 आवरण (चक्र/मंडल)।
- ▸केंद्र = बिंदु = देवी ललिता।
- ▸सभी यंत्रों का राजा — 'यंत्र राज'।
गुरु परंपरा अनिवार्य: श्री विद्या = गोपनीय — गुरु→शिष्य मौखिक परंपरा। शंकराचार्य = श्री विद्या के प्रमुख प्रचारक।
needs_review: श्री विद्या अत्यंत गोपनीय — विस्तृत साधना विधि सार्वजनिक करना उचित नहीं। गुरु से ही प्राप्त।





